Mobile phone पुरी दुनिया मेंं लोगों के लिए जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है. आज हर व्यक्ति के हाथ मेंं mobile है चाहे वह mobile phone सामान्य हो, या touch screen वाला या Iphone.
इतनी अधिक संख्या मेंं mobile हो चुके है तो स है कि इनकी service व repairing करने वालो की भी मांग या आवश्यकता होगी.
इस article मेंं basic electronics, mobile software repairing, mobile hardware repairing, fault finding, mobile repairing के superfast method, jumper setting, mobile की विभिन्न I.C, एवं parts की stardy, विभिन्न tools एवं उनके उपयोग आदि शामिल है। इस article मेंं बताए गये सभी प्रेक्टिकल को अच्छे से प्रेक्टिस करके महारथ हासिल कर सकते है।
चित्र में mobile का black डायग्राम दर्शाया गया है. block diagram यह प्रदर्शित करता है की सारे पार्ट्स आंतरिक रूप से किस प्रकार जुड़े हुए हैं. Mobile ब्लैक डायग्राम की मदद से हम यह आसानी से पता लगा सकते हैं की प्रॉब्लम mobile के किसी मैं है. जैसे यदि रिंगर में कोई समस्या है तो डायग्राम के अनुसार रिंगर लॉजिक i.c से जुड़ा हुआ है तू समस्या या तो रिंगर एवं logic I.C से संबंधित है.
इसी प्रकार मोबाइल में जो भी समस्या है उससे संबंधित सर्किट को देखेंगे, जैसे:-keypad, sim, charger, speaker, mic, network, display, vibrator etc.
इतनी अधिक संख्या मेंं mobile हो चुके है तो स है कि इनकी service व repairing करने वालो की भी मांग या आवश्यकता होगी.
इस article मेंं basic electronics, mobile software repairing, mobile hardware repairing, fault finding, mobile repairing के superfast method, jumper setting, mobile की विभिन्न I.C, एवं parts की stardy, विभिन्न tools एवं उनके उपयोग आदि शामिल है। इस article मेंं बताए गये सभी प्रेक्टिकल को अच्छे से प्रेक्टिस करके महारथ हासिल कर सकते है।
चित्र में mobile का black डायग्राम दर्शाया गया है. block diagram यह प्रदर्शित करता है की सारे पार्ट्स आंतरिक रूप से किस प्रकार जुड़े हुए हैं. Mobile ब्लैक डायग्राम की मदद से हम यह आसानी से पता लगा सकते हैं की प्रॉब्लम mobile के किसी मैं है. जैसे यदि रिंगर में कोई समस्या है तो डायग्राम के अनुसार रिंगर लॉजिक i.c से जुड़ा हुआ है तू समस्या या तो रिंगर एवं logic I.C से संबंधित है.
इसी प्रकार मोबाइल में जो भी समस्या है उससे संबंधित सर्किट को देखेंगे, जैसे:-keypad, sim, charger, speaker, mic, network, display, vibrator etc.
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| Mobile black diogram |
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| Mobile black diogram |
Note:- ऊपर दिखाए गए ब्लॉक डायग्राम में अलग-अलग I.C से कैसे अलग अलग नंबर दिए गए हैं। जिससे आप ब्लॉक डायग्राम का वर्णन पढ़ते समय बड़ी ही आसानी से उसे पढ़ सकते हैं।
पुराने समय में जॉब मोबाइल नए-नए मार्केट में आए थे तब हर फंक्शन के लिए मोबाइल में अलग-अलग I.C हुआ करती थी चैसे:-charging के लिए charging I.C, sound के लिए A.F या audio I.C.
प्रत्येक मोबाइल में बैटरी (3) का प्रयोग किया जाता है जो 3.6 volt का होती है. यह battery rechargeable होती है जैसे:- charger (1) के द्वारा आसानी से सर्च किया जा सकता है. इसके लिए mobile मे एक charging I.C (2) होती है जो battery को charge करती है. इस section को charging section के नाम से जानते हैं.
Battery full charge है या low charge है या charge हो रही है. यह indication हमें screen (display) 17 पर दिखाई देता है.
किसी किसी मोबाइल में बैकअप बैटरी ( 5) का उपयोग किया जाता है जब कभी हम मोबाइल की main battery हटा देते हैं तो mobile का RTC(real time clock) काम करना बंद कर देता है एवं mobile का date and time गड़बड़ होजाता है. जब हम बैटरी को वापस लगाते हैं तो हमें date एवं time फिर से set करना पड़ता है. जी मोबाइल में बैकअप बैटरी लगी होती है उनमे main battery हटाते है तू भी date एवं time गड़बड़ नहीं होता है.
Battery supply power I.C (4) को दी जाती है यह I.C battery से power supply pass करती है और कोई तरह की supply बनाती है जो mobile के विभिन्न section को दी जाती है।.
Power supply section मे SIM card socket को भी supply दी जाती है.
यहां के voltage display एवं RTC crystal को भी दिए जाते है. RTC एक real time clock crystal होता है जो 32.768khz की frequency बनाता है.
इस तरह power I.C CPU को भी power supply प्रदान करती है.
CPU से एक Flash memory भी जड़ी होती है वास्तव मेंं यह software section होता है, यही पर Mobile का software flash किया जाता है और यही से data CPU को भेजा जाता है.
CPU से ही SPRAM भी जोड़ी होती है. जे mobile phone की temporary होती है जो आने वाले data को store करने का काम करती है यह voltage memoryहोती है जब हम mobile को switch off करते है तो इस memory मे जमा information ख़त्म हो जाती है.
यही पर एक keyboard भी जुड़ा है जिसका
सीधा समबन्ध CPU से होता है. जब हम keyboard से कोई botton press करते है तो यहां से यह signal CPU मे जाता है और इसका समबन्ध display से भी होता है इसलिए keypad से जो भी bottom press किया जाता है वह display पर दिखाई देता है.
जब हम mobile मे signal receive करते है तो उस circuit को reviving section कहते है तथा जब हम signal को भेज रहे होते है तो उसे Transmission section कहते है.
Power supply section मे SIM card socket को भी supply दी जाती है.
यहां के voltage display एवं RTC crystal को भी दिए जाते है. RTC एक real time clock crystal होता है जो 32.768khz की frequency बनाता है.
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| RTC |
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| RTC |
इस तरह power I.C CPU को भी power supply प्रदान करती है.
CPU से एक Flash memory भी जड़ी होती है वास्तव मेंं यह software section होता है, यही पर Mobile का software flash किया जाता है और यही से data CPU को भेजा जाता है.
CPU से ही SPRAM भी जोड़ी होती है. जे mobile phone की temporary होती है जो आने वाले data को store करने का काम करती है यह voltage memoryहोती है जब हम mobile को switch off करते है तो इस memory मे जमा information ख़त्म हो जाती है.
यही पर एक keyboard भी जुड़ा है जिसका
सीधा समबन्ध CPU से होता है. जब हम keyboard से कोई botton press करते है तो यहां से यह signal CPU मे जाता है और इसका समबन्ध display से भी होता है इसलिए keypad से जो भी bottom press किया जाता है वह display पर दिखाई देता है.
जब हम mobile मे signal receive करते है तो उस circuit को reviving section कहते है तथा जब हम signal को भेज रहे होते है तो उसे Transmission section कहते है.





1 Comments
Your article is very helpful
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